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श्रावस्ती में प्रमति: कुक्कुट-युद्ध का दांव, तरंगावली का छद्म और विष-षड्यंत्र का अंत

दशकुमारचरितम् (दस राजकुमारों की गुप्त गाथाएँ)• katha

श्रावस्ती में प्रमति: कुक्कुट-युद्ध का दांव, तरंगावली का छद्म और विष-षड्यंत्र का अंत

Pramati in Shravasti: The Cockfight Wager & The Maiden Disguise

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दृश्य 1

श्रावस्ती का वसंतोत्सव और कामदेव मंदिर का पावन साक्षात्कार

The Spring Festival of Shravasti & The Temple Glance
Wide panoramic shot of capital city of Shravasti in full spring bloom with Palash flowers and festive bunting

कौशल देश की समृद्ध राजधानी श्रावस्ती, वसंत ऋतु के मादक वातावरण, खिलते पलाश-कुंजों और कामदेव के पावन उत्सव के गीतों से झूम रही थी।

Panel 1
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Prince Pramati arrives at city square on foot admiring music with keen curiosity
राजकुमार प्रमति
श्रावस्ती की इस उत्सव-धरा पर प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रंग में रंगा है। यहाँ बुद्धि और कला ही सर्वोच्च शक्ति हैं।

राजकुमार प्रमति, जो स्वांग, वेश-परिवर्तन और संवाद-चातुर्य के अद्वितीय निष्णात थे, नगर के उत्सव में प्रविष्ट हुए।

राजकुमार प्रमति

श्रावस्ती की इस उत्सव-धरा पर प्रत्येक नागरिक किसी न किसी रंग में रंगा है। यहाँ बुद्धि और कला ही सर्वोच्च शक्ति हैं।

Panel 2
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Temple courtyard: Princess Navamalika offering red flowers surrounded by maidservants with golden trays

कामदेव के सुरम्य मंदिर-प्रांगण में कौशल-नरेश की सुपुत्री राजकुमारी नवमालिका अपनी सखियों के साथ पूजा-अर्चना कर रही थीं।

Panel 3
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Romantic close shot: Across shower of flower petals Prince Pramati and Princess Navamalika lock eyes

झरते हुए पुष्पों के मध्य राजकुमार प्रमति और राजकुमारी नवमालिका की आँखें मिलीं—और एक ही क्षण में उनके हृदयों में अनन्य अनुराग का दिव्य बीज अंकुरित हो गया!

Panel 4
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As royal guards escort Princess back to palanquin she turns with a gentle lingering smile
राजकुमार प्रमति
राजकुमारी का अंतःपुर चाहे सहस्र पहरेदारों से घिरा हो, मेरी प्रज्ञा उस दुर्गम प्राचीर को भेदने का मार्ग अवश्य निकालेगी!

अंगरक्षकों के साथ पालकी की ओर बढ़ते हुए राजकुमारी ने पीछे मुड़कर मंद मुस्कान से देखा, जिससे प्रमति का हृदय उनके अंतःपुर तक पहुँचने के लिए अधीर हो उठा।

राजकुमार प्रमति

राजकुमारी का अंतःपुर चाहे सहस्र पहरेदारों से घिरा हो, मेरी प्रज्ञा उस दुर्गम प्राचीर को भेदने का मार्ग अवश्य निकालेगी!

Panel 5
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दृश्य 2

कुक्कुट-युद्ध की क्रीड़ा और चतुर पिंचालिक का साथ

The Great Cockfight Tournament & Tactical Wager
In city garden: Pramati meets clever elderly Brahmin Pinchalika sharing mangoes and strategizing
विद्वान पिंचालिक
युवक! राजदरबार में सीधे प्रवेश संभव नहीं, किंतु यदि तुम आज की कुक्कुट-क्रीड़ा में बाजी जीत लो, तो राजा के द्वार स्वयं खुल जाएंगे!

उद्यान में प्रमति की भेंट चतुर और विनोदप्रिय वृद्ध ब्राह्मण पिंचालिक से हुई, जिन्होंने राजदरबार की आंतरिक गतिविधियों का पूरा भेद प्रकट किया।

विद्वान पिंचालिक

युवक! राजदरबार में सीधे प्रवेश संभव नहीं, किंतु यदि तुम आज की कुक्कुट-क्रीड़ा में बाजी जीत लो, तो राजा के द्वार स्वयं खुल जाएंगे!

Panel 6
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In an avian yard: Pramati acquires champion gamecock with razor spurs and fiery golden-red plumage

प्रमति ने पक्षी-शास्त्र के ज्ञान से एक वज्र-तुल्य नखों वाले, चपल और स्वर्णिम पंखों वाले अजेय मुर्गे का चयन किया, जिसका नाम 'कुक्कुटराज' रखा।

Panel 7
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High-stakes circular arena of Shravasti: Roaring crowds and nobles placing massive wagers around sand pit

श्रावस्ती के भव्य द्यूत-अखाड़े में सामंतों और सेनापतियों ने लाखों की स्वर्ण-मुद्राएं दांव पर लगा रखी थीं।

Panel 8
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Dynamic action: Pramati rooster leaps striking down the champion bird of general Dhanapalaka with talon strike

प्रमति के कुक्कुटराज ने आकाश में उड़कर एक ही चपल प्रहार में सेनापति धनपालक के अभिमानी मुर्गे को धूल चटा दी!

Panel 9
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The entire arena cheers wildly as Pramati collects ten thousand gold dinars establishing instant fame
विद्वान पिंचालिक
कमाल कर दिया प्रमति! अब हमारी योजना के दूसरे चरण का समय आ गया है—छद्मवेश का महा-नाटक!

पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। प्रमति ने दस हजार स्वर्ण-मुद्राएं जीतीं और कौशल के श्रेष्ठियों के मध्य उनका नाम छा गया।

विद्वान पिंचालिक

कमाल कर दिया प्रमति! अब हमारी योजना के दूसरे चरण का समय आ गया है—छद्मवेश का महा-नाटक!

Panel 10
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दृश्य 3

तरंगावली का कन्या-छद्म और अंतःपुर में प्रवेश

The Maiden Disguise & Royal Custody
Masterclass in disguise: Pramati transforms into the bashful aristocratic maiden Tarangavali in turquoise silk

प्रमति ने सौन्दर्य-प्रसाधन, मयूर-नीले रेशमी परिधान और स्वर्णिम आभूषणों से स्वयं को 'तरंगावली' नामक अत्यंत रूपवती, लज्जाशील कन्या के रूप में परिवर्तित कर लिया।

Panel 11
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Pinchalika adopts persona of wealthy merchant father leading his daughter toward the palace of King Sinhavarma

पिंचालिक एक वृद्ध, चिंतित व्यापारी पिता का स्वांग रचकर अपनी 'पुत्री' को लेकर महाराज सिंहवर्मा के राजदरबार में पहुंचे।

Panel 12
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Royal audience hall: Pinchalika bows requesting his daughter be sheltered in harem under Princess Navamalika
पिंचालिक (पिता वेश)
महाराज! मेरी यह कन्या तरंगावली अत्यंत सुकुमार है। सागर की यात्रा में इसकी रक्षा हेतु मुझे केवल आपके अंतःपुर पर विश्वास है!

पिंचालिक ने निवेदन किया कि दूरस्थ समुद्री व्यापार पर जाते समय उनकी रूपवती पुत्री को अंतःपुर में राजकुमारी नवमालिका के संरक्षण में सुरक्षित रखा जाए।

पिंचालिक (पिता वेश)

महाराज! मेरी यह कन्या तरंगावली अत्यंत सुकुमार है। सागर की यात्रा में इसकी रक्षा हेतु मुझे केवल आपके अंतःपुर पर विश्वास है!

Panel 13
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Impressed by merchant modesty and maiden royal demeanor King Sinhavarma grants royal custody
महाराज सिंहवर्मा
निश्चिंत होकर व्यापार पर जाओ, श्रेष्ठी! तुम्हारी पुत्री हमारी नवमालिका की छोटी बहन के समान सुरक्षित रहेगी!

कन्या की शालीनता और पिता की विनम्रता से प्रभावित होकर महाराज सिंहवर्मा ने सहर्ष तरंगावली को अंतःपुर में रखने की अनुमति दे दी।

महाराज सिंहवर्मा

निश्चिंत होकर व्यापार पर जाओ, श्रेष्ठी! तुम्हारी पुत्री हमारी नवमालिका की छोटी बहन के समान सुरक्षित रहेगी!

Panel 14
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Inner palace entrance: Princess Navamalika welcomes the new maiden with radiant warmth into secluded gardens

अंतःपुर के द्वार पर राजकुमारी नवमालिका ने अपनी नई सखी का स्वागत किया और उसे अपने निजी कक्ष में स्थान दिया।

Panel 15
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Strolling through private lotus garden: The two companions share poetry, veena music, and laughter behind jali screens

निजी उपवन में दोनों सखियों ने वीणा की तान और काव्य-पाठ के साथ समय बिताया, जहाँ प्रमति की प्रज्ञा ने राजकुमारी को पूरी तरह सम्मोहित कर लिया।

Panel 16
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दृश्य 4

अंतःपुर का रहस्योद्घाटन और विष-षड्यंत्र की खोज

Life in the Antahpura & The Poison Conspiracy
Moonlit pavilion: In absolute privacy Tarangavali reveals his true identity as Prince Pramati with signet ring
राजकुमार प्रमति
राजकुमारी नवमालिका! मैं कोई साधारण कन्या नहीं, अपितु वही कामदेव मंदिर का आपका प्रेमी राजकुमार प्रमति हूँ!

चंद्रमा की शीतल चांदनी में, एकांत मंडप के भीतर 'तरंगावली' ने अपना घूंघट हटाकर मगध के राजकुल की स्वर्ण-मुद्रिका प्रकट की!

राजकुमार प्रमति

राजकुमारी नवमालिका! मैं कोई साधारण कन्या नहीं, अपितु वही कामदेव मंदिर का आपका प्रेमी राजकुमार प्रमति हूँ!

Panel 17
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Princess Navamalika gasps in wonder and joy realizing her beloved champion stands before her
राजकुमारी नवमालिका
हे प्राणनाथ! आपने मेरे लिए यह असाध्य स्वांग रचा! मेरा सर्वस्व आपके प्रेम में समर्पित है!

राजकुमारी के मुख पर आश्चर्य और अपार हर्ष की कांति छा गई। उन्होंने अपने प्रेमी के इस अद्वितीय साहस को हृदय से स्वीकार कर लिया।

राजकुमारी नवमालिका

हे प्राणनाथ! आपने मेरे लिए यह असाध्य स्वांग रचा! मेरा सर्वस्व आपके प्रेम में समर्पित है!

Panel 18
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Night reconnaissance: Pramati spots corrupt minister Raktaksha slipping emerald poison into King wine flagon

रात्रि के प्रहर में प्रासाद के गलियारे से गुजरते हुए प्रमति ने देखा कि देशद्रोही मंत्री रक्ताक्ष महाराज के स्वर्ण-पात्र में घातक विष मिला रहा था!

Panel 19
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Macro close-up: Sinister minister stirring colorless poison into spiced royal wine whispering treasonous orders
षड्यंत्रकारी रक्ताक्ष
महाराज इस मदिरा का एक घूंट पीते ही अनंत निद्रा में चले जाएंगे, और कौशल का शासन हमारे हाथों में होगा!

रक्ताक्ष ने विष-मिश्रित सुरा को कपटी सेवक को सौंपते हुए राजा की हत्या और सिंहासन हड़पने की योजना बनाई थी।

षड्यंत्रकारी रक्ताक्ष

महाराज इस मदिरा का एक घूंट पीते ही अनंत निद्रा में चले जाएंगे, और कौशल का शासन हमारे हाथों में होगा!

Panel 20
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Pramati urgently informs Navamalika of the imminent assassination plot preparing public exposure

प्रमति ने तुरंत नवमालिका को सचेत किया और संध्या-कालीन राजसभा में इस महा-अपराध का सार्वजनिक पर्दाफाश करने की अचूक योजना बनाई।

Panel 21
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दृश्य 5

विष-पात्र का प्रहार और वीर राजकुमार का प्राकट्य

Foiling the Assassination & Unmasking the Hero
Grand banquet hall: King Sinhavarma seated upon divan as cupbearer approaches with golden goblet

श्रावस्ती के भव्य राजभोज में महाराज सिंहवर्मा सामंतों के मध्य आसीन थे, तभी कपटी सेवक विष-युक्त स्वर्ण-चषक लेकर आगे बढ़ा।

Panel 22
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Dramatic action: Tarangavali strikes the golden cup from the King hand spilling wine across marble
प्रमति (तरंगावली वेश)
रुकिए महाराज! यह सुरा नहीं, साक्षात काल-कूट विष है!

जैसे ही राजा ने चषक होठों से लगाना चाहा, 'तरंगावली' ने बिजली की तेजी से आगे बढ़कर चषक पर प्रहार किया—और विषैली मदिरा संगमरमर पर बिखर गई!

प्रमति (तरंगावली वेश)

रुकिए महाराज! यह सुरा नहीं, साक्षात काल-कूट विष है!

Panel 23
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Forensic proof: Spilled wine fed to palace hound on meat, collapsing instantly revealing deadly venom

संगमरमर पर गिरी मदिरा से धुआं उठने लगा, और जब मांस का टुकड़ा उसमें डुबोकर राजमहल के श्वान को दिया गया, तो वह क्षण भर में निष्प्राण हो गया!

Panel 24
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Climax: Pramati casts aside veil standing revealed as armored prince drawing sword disarming Raktaksha
राजकुमार प्रमति
रक्ताक्ष! तुम्हारा देशद्रोह आज संपूर्ण राजसभा के सम्मुख प्रमाणित हो चुका है!

प्रमति ने एक ही झटके में रेशमी घूंघट उतार फेंका, नग्न तलवार खींची और भागते हुए गद्दार मंत्री रक्ताक्ष को दबोचकर निहत्था कर दिया!

राजकुमार प्रमति

रक्ताक्ष! तुम्हारा देशद्रोह आज संपूर्ण राजसभा के सम्मुख प्रमाणित हो चुका है!

Panel 25
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Royal justice: King Sinhavarma orders Raktaksha into heavy chains publicly hailing Pramati as savior
महाराज सिंहवर्मा
हे महाबली वीर! तुम्हारी अद्भुत प्रज्ञा और साहस ने आज मुझे और कौशल राज्य दोनों को नवजीवन दिया है!

विस्मय और कृतज्ञता से गद्गद महाराज सिंहवर्मा ने रक्ताक्ष को कारागार में डालने का आदेश दिया और प्रमति को साक्षात अपना प्राणदाता घोषित किया।

महाराज सिंहवर्मा

हे महाबली वीर! तुम्हारी अद्भुत प्रज्ञा और साहस ने आज मुझे और कौशल राज्य दोनों को नवजीवन दिया है!

Panel 26
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दृश्य 6

राजकुमारी नवमालिका से पावन परिणय और सप्त-मिलन

The Sacred Nuptials & The Campfire Chronicle
Grand royal Vedic wedding: Prince Pramati and Princess Navamalika garland each other amidst flowers and chants

श्रावस्ती के राज-प्रांगण में, शंख-ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्प-वृष्टि के मध्य राजकुमार प्रमति और राजकुमारी नवमालिका का भव्य विवाह संपन्न हुआ।

Panel 27
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Military treaty signed: King Sinhavarma pledges twenty thousand elite Kosala cavalry to Magadha

महाराज सिंहवर्मा ने मगध के युवराज राजवाहन के पक्ष में बीस हजार कुशल अश्वारोही और कौशल की समस्त सेना की अटूट संधि पर हस्ताक्षर किए।

Panel 28
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Prince Pramati mounts war stallion riding south through moonlit mountain trails of Vindhyas

कर्तव्य पूर्ण कर राजकुमार प्रमति अपने तेजतर्रार अश्व पर सवार होकर विन्ध्याचल के सघन अरण्य में अपने भाइयों से मिलने के लिए तीव्र गति से प्रस्थान कर गए।

Panel 29
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Campfire reunion in Vindhyatavi: Pramati arrives warmly embraced by Rajavahana and companion princes
राजकुमार प्रमति
युवराज राजवाहन! कौशल का समस्त राज्य अब हमारे साथ है! बीस हजार वीर अश्वारोही मगध के लिए तैयार हैं!

विन्ध्याटवी के अलाव के पास सात भाइयों का यह पुनर्मिलन असीम आनंद और विजय-घोष से गूंज उठा।

राजकुमार प्रमति

युवराज राजवाहन! कौशल का समस्त राज्य अब हमारे साथ है! बीस हजार वीर अश्वारोही मगध के लिए तैयार हैं!

Panel 30
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Pramati presents Kosala alliance charter to Crown Prince Rajavahana amidst deafening cheers
राजकुमार राजवाहन
अद्भुत चातुर्य, प्रमति! तुम्हारे स्वांग और पराक्रम ने उत्तर भारत के सबसे बड़े साम्राज्य को हमारा मित्र बना दिया!

प्रमति ने कौशल का शाही ताम्र-पत्र और सैन्य-संधि राजवाहन के चरणों में समर्पित की।

राजकुमार राजवाहन

अद्भुत चातुर्य, प्रमति! तुम्हारे स्वांग और पराक्रम ने उत्तर भारत के सबसे बड़े साम्राज्य को हमारा मित्र बना दिया!

Panel 31
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Closing wide shot: The seven companion princes around blazing campfire as Rajavahana turns toward Damalipta for Mitragupta

और इस प्रकार विन्ध्याटवी की तारों भरी रात में, राजवाहन ने पूर्व के समुद्र-तट ताम्रलिप्ति (दामलिप्त) की ओर संकेत किया—जहाँ आठवें राजकुमार 'मित्रगुप्त के राक्षस-संवाद, चार गूढ़ पहेलियों और समुद्री अभियान' की अद्भुत गाथा प्रतीक्षारत थी!

Panel 32
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