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कलिंग में मन्त्रगुप्त: समुद्र-तट का स्वांग, ओष्ठ-व्रत और गज-सेना का महासंग्राम

दशकुमारचरितम् (दस राजकुमारों की गुप्त गाथाएँ)• katha

कलिंग में मन्त्रगुप्त: समुद्र-तट का स्वांग, ओष्ठ-व्रत और गज-सेना का महासंग्राम

Mantragupta in Kalinga: The Ocean Infiltration & The Lip Vow

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दृश्य 1

कलिंग का युद्ध-ग्रस्त तट और राजकुमारी कनकलेखा का शौर्य

The War-Torn Coast of Kalinga & Princess Kanakalekha
Wide panoramic view of rugged eastern coast of Kalinga with basalt cliffs, watchtowers, and invading army tents

पूर्वी समुद्र-तट पर स्थित कलिंग का साम्राज्य, अपनी अभेद्य गज-सेना, ताड़ के सघन वनों और तटीय दुर्गों के साथ आर्यावर्त का शक्तिशाली राज्य था, जो आन्ध्र-नरेश क Kardana के आक्रमण से घिरा हुआ था।

Panel 1
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Prince Mantragupta arrives on foot carrying heavy curved talwar observing enemy camps through mist
राजकुमार मन्त्रगुप्त
कलिंग के इस समुद्र-तट पर युद्ध की ज्वाला धधक रही है। मुझे शत्रु की छावनी में घुसकर इस विभीषिका का मूल कारण जानना होगा।

राजकुमार मन्त्रगुप्त, जो गज-युद्ध, रात्रि-अभियान और गुप्त रणनीति के अद्वितीय वीर थे, कलिंग के तटीय बीहड़ में प्रविष्ट हुए।

राजकुमार मन्त्रगुप्त

कलिंग के इस समुद्र-तट पर युद्ध की ज्वाला धधक रही है। मुझे शत्रु की छावनी में घुसकर इस विभीषिका का मूल कारण जानना होगा।

Panel 2
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In Andhra pavilion: Captured Princess Kanakalekha stands bound in silk cords defying King Kardana
राजकुमारी कनकलेखा
क Kardana! कलिंग की भूमि कभी किसी आक्रांता के सम्मुख नहीं झुकी! मेरा प्राण त्यागना स्वीकार है, किंतु तुम्हारा अधर्म नहीं!

आन्ध्र की सैनिक छावनी में कलिंग की स्वाभिमानी राजकन्या कनकलेखा रेशमी रस्सियों में बंधी होने पर भी महाराज क Kardana के सम्मुख निर्भय खड़ी थीं।

राजकुमारी कनकलेखा

क Kardana! कलिंग की भूमि कभी किसी आक्रांता के सम्मुख नहीं झुकी! मेरा प्राण त्यागना स्वीकार है, किंतु तुम्हारा अधर्म नहीं!

Panel 3
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King Kardana slams battle-axe demanding Kalinga surrender or watch their capital burned
आन्ध्र-नरेश क Kardana
कल का सूर्य कलिंग के दुर्ग पर आन्ध्र की विजय-पताका देखेगा, या फिर तुम्हारा नगर भस्म हो जाएगा!

क्रोधित क Kardana ने अपनी भारी युद्ध-कुल्हाड़ी मेज पर पटकते हुए कलिंग के सामंतों को कल प्रातःकाल तक पूर्ण समर्पण का अल्टीमेटम दिया।

आन्ध्र-नरेश क Kardana

कल का सूर्य कलिंग के दुर्ग पर आन्ध्र की विजय-पताका देखेगा, या फिर तुम्हारा नगर भस्म हो जाएगा!

Panel 4
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Close-up of Mantragupta observing from rocky ridge formulating undercover disruption plan

चट्टान की ओट से मन्त्रगुप्त ने राजकुमारी के अप्रतिम साहस को देखा और उन्हें मुक्त कराने का गुप्त सैन्य चक्रव्यूह तैयार किया।

Panel 5
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दृश्य 2

तटीय गुप्त प्रवेश और वटवृक्ष का गुप्त रहस्य

The Coastal Infiltration & The Ghost-Tree Vigil
Midnight infiltration: Mantragupta slips silently through foaming surf scaling seaside palisade

मध्यरात्रि में समुद्र की झागदार लहरों के बीच से तैरते हुए मन्त्रगुप्त ने आन्ध्र के पहरेदारों की दृष्टि बचाकर समुद्र-प्राचीर को लांघ लिया।

Panel 6
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Hidden shelter: Mantragupta climbs inside hollow trunk of colossal banyan tree overlooking beach

समुद्र-तट पर स्थित एक विशाल, प्राचीन वटवृक्ष के खोखले तने में मन्त्रगुप्त ने गुप्त आश्रय लिया, जहाँ से संपूर्ण बलि-स्थल दिखाई दे रहा था।

Panel 7
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In shadows: Sinister sorcerer Kankalika confers with traitorous captain preparing tantric poison to kill King Kardana
तांत्रिक कंकालिक
आज आधी रात को राजकुमारी की बलि के उपरांत, इस विषैले खंजर से क Kardana का अंत कर दिया जाएगा और संपूर्ण सेना हमारे वश में होगी!

वृक्ष की जड़ों के नीचे दुष्ट तांत्रिक कंकालिक आन्ध्र के एक देशद्रोही सेनापति के साथ मिलकर स्वयं राजा क Kardana की हत्या का षड्यंत्र रच रहा था!

तांत्रिक कंकालिक

आज आधी रात को राजकुमारी की बलि के उपरांत, इस विषैले खंजर से क Kardana का अंत कर दिया जाएगा और संपूर्ण सेना हमारे वश में होगी!

Panel 8
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Macro shot: Kankalika dipping curved jagged dagger into bowl of black serpent venom

कंकालिक ने काले सर्प-विष के पात्र में अपना वक्र खंजर डुबोया, जो आधी रात के चंद्र-प्रकाश में भयानक हरी आभा बिखेर रहा था।

Panel 9
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Mantragupta overhears the entire treasonous conspiracy from hollow branches his hand tightening on sword
राजकुमार मन्त्रगुप्त
इस दुष्ट तांत्रिक के कुचक्र से राजा क Kardana और राजकुमारी दोनों के प्राण संकट में हैं। मुझे तुरंत प्रहार करना होगा!

शाखाओं के ऊपर से मन्त्रगुप्त ने इस महा-षड्यंत्र को सुना और उनकी उँगलियाँ तलवार की मूठ पर कस गईं—आज धर्म और निर्दोषों की रक्षा की कठिन परीक्षा थी!

राजकुमार मन्त्रगुप्त

इस दुष्ट तांत्रिक के कुचक्र से राजा क Kardana और राजकुमारी दोनों के प्राण संकट में हैं। मुझे तुरंत प्रहार करना होगा!

Panel 10
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दृश्य 3

तांत्रिक का संहार और मन्त्रगुप्त का ओष्ठ-व्रत

The Midnight Sorcerer Ambush & The Niroshthya Lip Wound
Midnight beach altar: Princess Kanakalekha bound on black stone as Kankalika raises venomous dagger

समुद्र-तट की काली बलि-शिला पर बंधी राजकुमारी कनकलेखा के कंठ पर तांत्रिक कंकालिक ने अपना विषैला खंजर उठाया!

Panel 11
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Dramatic action: Mantragupta leaps from banyan branches his blade striking sorcerer dagger into sparks
राजकुमार मन्त्रगुप्त
ठहर पापी तांत्रिक! धर्म की वेदी पर निर्दोषों की बलि देने वाले का न्याय साक्षात खड्ग करता है!

बाज की गति से वटवृक्ष से कूदकर राजकुमार मन्त्रगुप्त ने हवा में अपनी तलवार चलाई—और एक ही झटके में तांत्रिक का खंजर चिनगारियों के साथ दूर जा गिरा!

राजकुमार मन्त्रगुप्त

ठहर पापी तांत्रिक! धर्म की वेदी पर निर्दोषों की बलि देने वाले का न्याय साक्षात खड्ग करता है!

Panel 12
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Ferocious duel on sand: Kankalika hurls occult fire but Mantragupta parries running the sorcerer through

रेत पर हुए भीषण द्वंद्व में कंकालिक ने तांत्रिक अग्नि और विषैले बाण चलाए, किंतु मन्त्रगुप्त ने पैंतरा बदलकर तलवार के एक ही अचूक वार से उसका वध कर दिया!

Panel 13
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Moment of injury: Falling sorcerer dart grazes Mantragupta lower lip causing swelling wound

गिरते समय कंकालिक के विष-बुझे सुई जैसे कांटे ने मन्त्रगुप्त के निचले होंठ को छू दिया, जिससे घाव हो गया और उन्होंने ओष्ठ-विहीन शुद्ध दन्त्य-तालव्य वाणी (निरोष्ठ्य व्रत) धारण की!

Panel 14
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Mantragupta cuts Princess Kanakalekha bonds wrapping silk scarf across wounded lip
मन्त्रगुप्त (निरोष्ठ्य वाणी)
राजकन्ये! त्राता तेऽहम्! अधर्मो हतः! कलिंग-सैन्यं संनह्य अधुना धर्म-युद्धाय सज्जीकुरु!

मन्त्रगुप्त ने रेशमी पट्टी से अपने होंठ को बांधा और राजकुमारी कनकलेखा के समस्त बंधन काटकर उन्हें अभयदान दिया।

मन्त्रगुप्त (निरोष्ठ्य वाणी)

राजकन्ये! त्राता तेऽहम्! अधर्मो हतः! कलिंग-सैन्यं संनह्य अधुना धर्म-युद्धाय सज्जीकुरु!

Panel 15
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Princess Kanakalekha gazes in wonder and deep love at her savior recognizing imperial bearing

राजकुमारी कनकलेखा ने अपने प्राणदाता के अलौकिक शौर्य और क्षत्रिय-तेज को देखकर अपने मन में उन्हें अपना स्वामी स्वीकार कर लिया।

Panel 16
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दृश्य 4

गज-सेना की मुक्ति और ऐरावतवर्मा का महा-आक्रमण

Liberation of the Elephant Corps & Dawn Assault
Infiltrating royal stables: Mantragupta unlocks heavy timber gates of captive Kalinga war elephant corps

मन्त्रगुप्त और कनकलेखा ने आधी रात को कलिंग की बंदी गज-शाला के विशाल कपाट खोल दिए और निष्ठावान महावतों को शस्त्रों से सुसज्जित किया।

Panel 17
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Mantragupta mounts colossal royal tusker Airavatavarma armored in bronze plates brandishing war pike

मन्त्रगुप्त कलिंग के सबसे विशाल, कांस्य-कवचधारी शाही गजराज 'ऐरावतवर्मा' पर सवार हुए, हाथ में भारी युद्ध-बरछी लिए सेनापति के रूप में शोभायमान हुए।

Panel 18
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Dawn breaks: Earth trembles as fifty armored war elephants charge through morning mist sounding trumpets
प्रधान महावत
राजकुमार मन्त्रगुप्त के आदेश पर चलो! कलिंग की गज-सेना अधर्म का नाश करेगी!

उषाकाल के सूर्य के साथ पचास मदमस्त बख्तरबंद युद्ध-गजों ने चिंघाड़ते हुए आन्ध्र की घेराबंदी पर प्रलयंकारी आक्रमण कर दिया!

प्रधान महावत

राजकुमार मन्त्रगुप्त के आदेश पर चलो! कलिंग की गज-सेना अधर्म का नाश करेगी!

Panel 19
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Dynamic battle: Mantragupta leads unstoppable elephant cavalry through siege barricades scattering enemy

मन्त्रगुप्त के नेतृत्व में गज-सेना ने आन्ध्र की काष्ठ-प्राचीरों और रथ-पंक्तियों को तिनकों की भांति रौंद डाला, जिससे शत्रु-सेना में भगदड़ मच गई!

Panel 20
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King Kardana trapped on war chariot gazes in shock at sudden charge of elephant brigades
आन्ध्र-नरेश क Kardana
यह कौन सा अलौकिक योद्धा है, जिसने एक ही रात में संपूर्ण युद्ध की दिशा बदल दी?!

आन्ध्र-नरेश क Kardana अपने रथ पर घिर गए और उन्होंने विस्मित होकर देखा कि कलिंग की गज-सेना का संचालन एक अपरिचित वीर कर रहा था।

आन्ध्र-नरेश क Kardana

यह कौन सा अलौकिक योद्धा है, जिसने एक ही रात में संपूर्ण युद्ध की दिशा बदल दी?!

Panel 21
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दृश्य 5

क Kardana का आत्मसमर्पण और ऐतिहासिक शांति-संधि

King Kardana
Climax: Mantragupta dismounts presenting slain sorcerer body and seized poison vials before King Kardana

गजराज से उतरकर मन्त्रगुप्त ने मारे गए गद्दार तांत्रिक कंकालिक का शव और राजा की हत्या हेतु तैयार विष-पात्र क Kardana के सम्मुख रख दिए।

Panel 22
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Mantragupta reveals treasonous plot in clear Niroshthya diction proving he saved King Kardana life
मन्त्रगुप्त (निरोष्ठ्य वाणी)
राजेन्द्र! तव हिते रतोऽहम्! कपटी कंकालिकः त्वां हन्तुमैच्छत्! धर्मो रक्षितः, अधुना कलिंग-आन्ध्रयोः सन्धिर्भवतु!

मन्त्रगुप्त ने शुद्ध, ओष्ठ-विहीन (निरोष्ठ्य) वाणी में क Kardana को समझाया कि किस प्रकार उन्होंने राजा को उसके ही दरबार के गद्दारों से बचाया था।

मन्त्रगुप्त (निरोष्ठ्य वाणी)

राजेन्द्र! तव हिते रतोऽहम्! कपटी कंकालिकः त्वां हन्तुमैच्छत्! धर्मो रक्षितः, अधुना कलिंग-आन्ध्रयोः सन्धिर्भवतु!

Panel 23
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Repentance and honor: Overcome with awe King Kardana yields battle-axe bowing before Mantragupta
आन्ध्र-नरेश क Kardana
हे धर्म के सच्चे रक्षक! आपने न केवल कलिंग की रक्षा की, अपितु मुझे विश्वासघात की मृत्यु से बचाया! आन्ध्र की संपूर्ण शक्ति आपकी है!

सच्चाई जानकर क Kardana पश्चाताप से नतमस्तक हो गए और उन्होंने अपनी युद्ध-कुल्हाड़ी मन्त्रगुप्त के चरणों में समर्पित कर दी।

आन्ध्र-नरेश क Kardana

हे धर्म के सच्चे रक्षक! आपने न केवल कलिंग की रक्षा की, अपितु मुझे विश्वासघात की मृत्यु से बचाया! आन्ध्र की संपूर्ण शक्ति आपकी है!

Panel 24
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Historic peace treaty: King Kardana formally ends war restoring sovereign lands to Kalinga

क Kardana ने कलिंग के समस्त विजित क्षेत्रों को मुक्त कर राजकुमारी कनकलेखा को ससम्मान उनका पैतृक राज्य लौटा दिया।

Panel 25
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Cheering victory assembly: United citizens and warriors of Kalinga and Andhra raise spears celebrating peace
संयुक्त सेनानी
सत्यमेव जयते! मन्त्रगुप्त और कनकलेखा की जय! कलिंग-आन्ध्र की अखंड मैत्री अमर रहे!

कलिंग और आन्ध्र की संयुक्त सेनाओं और नागरिकों ने शंख-ध्वनि के साथ 'सत्य और मन्त्रगुप्त की जय' का उद्घोष किया।

संयुक्त सेनानी

सत्यमेव जयते! मन्त्रगुप्त और कनकलेखा की जय! कलिंग-आन्ध्र की अखंड मैत्री अमर रहे!

Panel 26
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दृश्य 6

कलिंग-आन्ध्र महा-परिणय और नव-कुमारों का महा-संगम

The Sacred Nuptials & The Campfire Chronicle
Grand royal Vedic wedding in Kalinganagara: Prince Mantragupta and Princess Kanakalekha wed amidst chants

कलिंगनगरी के मुख्य प्रासाद में, वैदिक मंत्रोच्चार, समुद्र-शंखों की गूंज और पुष्प-वृष्टि के मध्य राजकुमार मन्त्रगुप्त और राजकुमारी कनकलेखा का पावन विवाह संपन्न हुआ।

Panel 27
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Joint military pact: King Kardana and Princess Kanakalekha pledge forty thousand elephant troops to Magadha

कलिंग और आन्ध्र के दोनों शासकों ने मगध के युवराज राजवाहन के पक्ष में चालीस हजार बख्तरबंद गज-सैनिकों और धनुर्धरों की भव्य सैन्य-संधि की।

Panel 28
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Prince Mantragupta mounts war steed riding westward through mountain passes toward Vindhyas

कर्तव्य पूर्ण कर राजकुमार मन्त्रगुप्त अपने तेजतर्रार अश्व पर सवार होकर विन्ध्याचल के सघन अरण्य में अपने भाइयों से मिलने के लिए तीव्र गति से निकल पड़े।

Panel 29
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Campfire reunion in Vindhyatavi: Mantragupta arrives embraced by Rajavahana and eight companion princes
मन्त्रगुप्त (निरोष्ठ्य वाणी)
युवराज! कलिंग-आन्ध्रयोः गज-सैन्यं सज्जम्! चत्वारिंशत्-सहस्राः गजाः मगधाय सज्जाः!

विन्ध्याटवी के अलाव के पास नौ भाइयों का यह पुनर्मिलन असीम आनंद और विजय-घोष से गूंज उठा।

मन्त्रगुप्त (निरोष्ठ्य वाणी)

युवराज! कलिंग-आन्ध्रयोः गज-सैन्यं सज्जम्! चत्वारिंशत्-सहस्राः गजाः मगधाय सज्जाः!

Panel 30
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Mantragupta presents dual elephant treaties of Kalinga and Andhra to Crown Prince Rajavahana
राजकुमार राजवाहन
अतुलनीय पराक्रम, मन्त्रगुप्त! तुम्हारे ओष्ठ-व्रत और गज-सेना के नेतृत्व ने संपूर्ण दक्षिण भारत को मगध का अटूट कवच बना दिया है!

मन्त्रगुप्त ने कलिंग और आन्ध्र की पावन सैन्य-संधि और गज-मुद्रा राजवाहन के चरणों में समर्पित की।

राजकुमार राजवाहन

अतुलनीय पराक्रम, मन्त्रगुप्त! तुम्हारे ओष्ठ-व्रत और गज-सेना के नेतृत्व ने संपूर्ण दक्षिण भारत को मगध का अटूट कवच बना दिया है!

Panel 31
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Closing wide shot: Nine companion princes raise swords as Rajavahana turns toward Vidarbha for Vishruta

और इस प्रकार विन्ध्याटवी की तारों भरी रात में, राजवाहन ने मध्य भारत के विदर्भ राज्य की ओर संकेत किया—जहाँ दसवें राजकुमार 'विश्रुत के चाणक्य-नीति, महिष्मती के उद्धार और राजधर्म' की अंतिम महा-गाथा प्रतीक्षारत थी!

Panel 32
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