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Bharatiya Comics
Kathasaritsagara• Ancient• Betal Pachisi

बेताल पच्चीसी (सोमदेव भट्ट कृत)

The world-renowned cycle of 25 supernatural, philosophical riddle-tales told by the spirit Betal to the fearless Emperor Vikramaditya in the stormy midnight cremation grounds of Ujjain.

क्रमवार अध्याय

संपूर्ण अध्याय (26 अध्याय)

The 25 Enigmas

26 अध्याय • प्रत्येक अध्याय में १ श्लोक
प्रारंभ: भिक्षु का गुप्त रत्न, तांत्रिक षड्यंत्र और महाश्मशान का वचन
अध्याय 016 मिनट

प्रारंभ: भिक्षु का गुप्त रत्न, तांत्रिक षड्यंत्र और महाश्मशान का वचन

उज्जयिनी के प्रतापी राजा विक्रमादित्य के दरबार में प्रतिदिन आने वाले एक भिक्षु ने लगातार दस वर्षों तक फल भेंट किए। जब एक बंदर ने फल तोड़ा, तो उसमें से बहुमूल्य माणिक्य निकला! जानिए अमावस्या की रात महाश्मशान, शीशम वृक्ष से शव उतारने और बेताल की २५ पहेलियों की शर्त का संपूर्ण मूल आख्यान।

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प्रथम बेताल: पद्मावती के चार गुप्त संकेत
अध्याय 118 मिनट

प्रथम बेताल: पद्मावती के चार गुप्त संकेत

वाराणसी के राजकुमार वज्रमुकुट ने सरोवर पर रूपवती पद्मावती को देखा। विदा लेते समय उसने ४ रहस्यमयी संकेत दिए—कान पर कमल, दांतों से पत्ता खुरचना, सिर पर पुष्प और हृदय पर हाथ! जानिए चतुर मंत्रीपुत्र बुद्धिशरीर द्वारा संकेतों का भेद खोलना, कपूर व महावर के छापे, तपे त्रिशूल का दाग, और राजा विक्रमादित्य का न्याय!

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द्वितीय बेताल: तीन प्रेमी, तीन मार्ग और संजीवनी विद्या
अध्याय 216 मिनट

द्वितीय बेताल: तीन प्रेमी, तीन मार्ग और संजीवनी विद्या

यमुना तट के ब्रह्मस्थल गांव की रूपवती मंदारवती की अचानक तीव्र ज्वर से मृत्यु हो गई। तीन प्रेमियों ने तीन अलग मार्ग चुने—एक चिता-भस्म पर सोया, दूसरा गंगा निकला और तीसरा बना संन्यासी! वज्रोलक गांव से संजीवनी विद्या लाकर जब कन्या को पुनर्जीवित किया गया, तो तीनों में विवाद छिड़ गया! जानिए राजा विक्रम का अंतिम धर्म निर्णय!

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तृतीय बेताल: शुक-सारिका का द्युत और कटी नाक का रहस्य
अध्याय 318 मिनट

तृतीय बेताल: शुक-सारिका का द्युत और कटी नाक का रहस्य

स्वर्ण पिंजरे में ज्ञानी तोते और विदुषी मैना के बीच पुरुष और स्त्री के स्वभाव पर छिड़ा शास्त्रार्थ! जानिए पतिव्रता रत्नावती के साथ धनदत्त का क्रूर विश्वासघात, मृत प्रेमी को चूमती वासुदत्ता की नाक बेताल द्वारा काटना, और राजा विक्रमादित्य का अकाट्य न्याय!

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चतुर्थ बेताल: वीरवर का आत्मबलिदान और राजा शूद्रक का त्याग
अध्याय 416 मिनट

चतुर्थ बेताल: वीरवर का आत्मबलिदान और राजा शूद्रक का त्याग

राजा शूद्रक की रक्षा हेतु वीरवर, उसकी पत्नी और आठ वर्षीय पुत्र सत्यवर का माँ चंडी की वेदी पर शीश काटना! राजा का सेवक के लिए स्वयं का शीश काटने को तत्पर होना, भगवती चंडी का साक्षात् प्राकट्य, और राजा विक्रमादित्य का निष्काम त्याग पर अमर धर्म-निर्णय!

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पंचम बेताल: सोमप्रभा और तीन गुणी वर
अध्याय 516 मिनट

पंचम बेताल: सोमप्रभा और तीन गुणी वर

जब क्रूर राक्षस धूम्रशिखा रूपवती सोमप्रभा का हरण कर विंध्याचल ले गया, तो तीन गुणी वरों ने अपनी अद्भुत विद्याओं को मिलाया—उड़ने वाला काष्ठ-विमान, त्रिकालदर्शी दिव्य दृष्टि और अपराजित धनुर्धर का पराक्रम! जानिए शास्त्रों के अनुसार सोमप्रभा का वास्तविक और धर्मसम्मत पति कौन है!

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षष्ठ बेताल: मदनसुन्दरी और सिरों की अदला-बदली
अध्याय 616 मिनट

षष्ठ बेताल: मदनसुन्दरी और सिरों की अदला-बदली

गौरी मंदिर के गर्भगृह में पति धवल और भाई श्रीधर द्वारा भावावेश में अपना मस्तक काटना! देवी के वरदान से जीवित करते समय मदनसुन्दरी द्वारा गलती से सिरों की अदला-बदली होना! जानिए सनातन न्याय और वेदों के अनुसार मस्तक व देह में से कौन वास्तविक पति है!

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सप्तम बेताल: सत्त्वशील और जलमग्न स्वर्ण-नगरी
अध्याय 716 मिनट

सप्तम बेताल: सत्त्वशील और जलमग्न स्वर्ण-नगरी

अथाह सागर में निर्भय छलांग लगाकर पाताल की स्वर्णिम नगरी और विद्याधरी राजकुमारी का वरण करने वाले वीर सत्त्वशील की अमर गाथा! जब महाराज यशोधन उस देवांगना पर मुग्ध हुए, तो सेवक सत्त्वशील ने अपना संपूर्ण साम्राज्य और पत्नी राजा को सौंप दी! जानिए राजा विक्रमादित्य का सर्वोच्च त्याग पर न्याय!

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अष्टम बेताल: तीन अतिसुकुमार रानियां
अध्याय 816 मिनट

अष्टम बेताल: तीन अतिसुकुमार रानियां

कांचनपुर के राजा धर्मध्वज की तीन अतिसुकुमार रानियाँ—चांदनी की किरणों से जलने वाली, गिरती कमल-पंखुड़ी से घायल होने वाली, और दूर बजते मूसल की आवाज सुनकर हथेलियों में छाले पड़ने वाली! जानिए सनातन न्याय और तर्क के अनुसार सर्वश्रेष्ठ सुकुमार कौन है!

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नवम बेताल: राजकुमारी अनंगरति और चार गुणी कारीगर
अध्याय 916 मिनट

नवम बेताल: राजकुमारी अनंगरति और चार गुणी कारीगर

अवंती की राजकुमारी अनंगरति का स्वयंवर—दिव्य वस्त्र-शिल्पी, दैवज्ञ भाषाविद्, काष्ठ-विमान शिल्पी और अजेय क्षत्रिय धनुर्धर! चारों के अद्वितीय चमत्कारों के बीच जानिए राजा विक्रमादित्य का राजधर्म और कुल-मर्यादा पर अकाट्य निर्णय!

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दशम बेताल: मदनसेना और चोर का धर्म
अध्याय 1016 मिनट

दशम बेताल: मदनसेना और चोर का धर्म

मदनसेना का सत्य-वचन—सुहागरात पर पति की आज्ञा से प्रेमी के पास जाना, मार्ग में खूंखार चोर का मिलना और वासना का पवित्र भाव में बदलना! जानिए पति, प्रेमी, चोर और मदनसेना में सबसे बड़ा और सच्चा त्यागी कौन था!

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एकादश बेताल: हरिस्यामी और दान के भोजन में विष
अध्याय 1118 मिनट

एकादश बेताल: हरिस्यामी और दान के भोजन में विष

भूख से तड़पते ब्राह्मण हरिस्यामी को खीर खिलाना, आकाश से चील के पंजों में दबे सर्प का विष टपकना और आकस्मिक मृत्यु! जानिए ब्रह्महत्या का महापाप चील, सर्प, गृह-स्वामिनी या झूठा आरोप लगाने वाली भीड़ पर किस पर लगता है!

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द्वादश बेताल: तीन अति-संवेदनशील भाई
अध्याय 1218 मिनट

द्वादश बेताल: तीन अति-संवेदनशील भाई

अंग देश के तीन सगे ब्राह्मण भाई—चावल में श्मशान की चिता-भस्म पहचानने वाला, इत्र-सुगंधित सुंदरी में बकरी के दूध की गंध सूंघने वाला, और सात रेशमी गद्दों के पार एक बाल के दबाव से लहूलुहान होने वाला! जानिए सर्वश्रेष्ठ सुकुमार कौन है!

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त्रयोदश बेताल: जीमूतवाहन का आत्म-बलिदान
अध्याय 1319 मिनट

त्रयोदश बेताल: जीमूतवाहन का आत्म-बलिदान

गरुड़ के भोजन हेतु नाग शंखचूड़ के प्राण बचाने के लिए विद्याधर राजकुमार जीमूतवाहन का वध्यशिला पर देह-दान! मृत्यु से बचने के बाद भी शंखचूड़ का पुनः गरुड़ के पंजों में लौट आना—जानिए किसका त्याग सर्वश्रेष्ठ था!

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चतुर्दश बेताल: सेठ की कन्या और शूली पर चढ़ा चोर
अध्याय 1419 मिनट

चतुर्दश बेताल: सेठ की कन्या और शूली पर चढ़ा चोर

अयोध्या के महाधनी सेठ की रूपवती कन्या चंद्रावती का शूली पर चढ़े निर्भीक चोर से प्रेम! आधी रात को शूली पर टंगे चोर ने वधू-वेश में सजी प्रेमिका को देखकर पहले रुदन और फिर अट्टहास क्यों किया? जानिए राजा विक्रमादित्य का मनोवैज्ञानिक निर्णय!

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पंचदश बेताल: चार मित्र और जीवित किया गया सिंह
अध्याय 1519 मिनट

पंचदश बेताल: चार मित्र और जीवित किया गया सिंह

कान्यकुब्ज के तीन अहंकारी पंडितों द्वारा जंगल में कंकाल जोड़कर सिंह में प्राण फूंकना! बुद्धिमान सुबुद्धि का पेड़ पर चढ़ना और पंडितों का भीषण विनाश—जानिए तीनों पंडितों की मृत्यु का वास्तविक हत्यारा कौन था!

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षोडश बेताल: राजा, ब्राह्मण-युवक और ब्रह्मराक्षस
अध्याय 1618 मिनट

षोडश बेताल: राजा, ब्राह्मण-युवक और ब्रह्मराक्षस

शापित महावन में भयानक ब्रह्मराक्षस के सम्मुख राजा चंद्रप्रभ का देह-समर्पण और राजा के प्राण बचाने हेतु ब्राह्मण-युवक जीवधर का साक्षात् मृत्यु के मुख में कूदना! जानिए दोनों में किसका आत्म-बलिदान सर्वश्रेष्ठ था!

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सप्तदश बेताल: चंद्रस्वामी और गुरु का मायाजाल
अध्याय 1718 मिनट

सप्तदश बेताल: चंद्रस्वामी और गुरु का मायाजाल

सरोवर में केवल एक सांस की डुबकी में चंद्रस्वामी द्वारा बीस वर्षों का साम्राज्य, विवाह और पुत्र-शोक भोगना! जानिए उस विराट मायाजाल का वास्तविक रचयिता कौन था—गुरु का मंत्र या शिष्य की सुप्त वासनाएं?

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अष्टादश बेताल: माता-पुत्री और पिता-पुत्र का कुल-बंधन
अध्याय 1818 मिनट

अष्टादश बेताल: माता-पुत्री और पिता-पुत्र का कुल-बंधन

पिता ने पुत्री से और पुत्र ने माता से विवाह किया! जब दोनों राज-दंपतियों से संतानें उत्पन्न हुईं, तो उन संतानों का आपस में क्या नाता हुआ? जानिए राजा विक्रमादित्य का गणितीय और सनातन धर्म-सम्मत कुल-निर्णय!

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एकोनविंशति बेताल: चतुर चोर और निडर राजकुमारी
अध्याय 1918 मिनट

एकोनविंशति बेताल: चतुर चोर और निडर राजकुमारी

राजकुमारी शशिप्रभा द्वारा आधी रात को कारागार तोड़कर चोर चंडक को मुक्ति का प्रस्ताव देना! किंतु राजकुमारी के सम्मान की रक्षा हेतु चंडक द्वारा मुक्ति ठुकराकर शूली को चुनना! जानिए दोनों में किसका त्याग सर्वोच्च था!

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विंशति बेताल: मृत्यु-वेदी पर हंसने वाला ब्राह्मण बालक
अध्याय 2018 मिनट

विंशति बेताल: मृत्यु-वेदी पर हंसने वाला ब्राह्मण बालक

बलि-वेदी पर माता-पिता द्वारा हाथ और राजा द्वारा पैर जकड़े जाने पर, खड्ग उठते ही सात वर्षीय ब्राह्मण बालक का दिव्य अट्टहास! जानिए मृत्यु के साक्षात् प्रहार के समय बालक के हंसने का परम दार्शनिक और वेदांत-सम्मत कारण!

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एकविंशति बेताल: अनंगमंजरी और मणिवर्मा की प्रेम-कथा
अध्याय 2116 मिनट

एकविंशति बेताल: अनंगमंजरी और मणिवर्मा की प्रेम-कथा

विरह में अनंगमंजरी का प्राण त्यागना, प्रेमिका के शव को देखकर मणिवर्मा का दम तोड़ना, और दोनों के प्रेम की पवित्रता देखकर पति मनोरथसिद्धि का चिता में कूदना! जानिए तीनों में किसका त्याग और प्रेम सर्वोच्च था!

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द्वाविंशति बेताल: चार विद्वान भाइयों की विद्या
अध्याय 2216 मिनट

द्वाविंशति बेताल: चार विद्वान भाइयों की विद्या

चार विद्वान भाइयों द्वारा अपनी तांत्रिक विद्या से अस्थि, मांस-रक्त, अंग-चर्म और संजीवनी प्राण फूंककर सिंह को जीवित करना! जानिए उस जीवित सिंह का वास्तविक पिता और जनक कौन कहलाएगा!

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त्रयोविंशति बेताल: वृद्ध योगी और परकाया-प्रवेश
अध्याय 2316 मिनट

त्रयोविंशति बेताल: वृद्ध योगी और परकाया-प्रवेश

नब्बे वर्षीय वृद्ध अघोरी द्वारा राजकुमार के शव में परकाया-प्रवेश करने से पूर्व फूट-फूटकर रोना और फिर अट्टहास करना! जानिए उसके रुदन और हास्य का परम दार्शनिक और योग-सम्मत कारण!

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चतुर्विंशति बेताल: एक अद्भुत संबंध और अनसुलझी पहेली
अध्याय 2416 मिनट

चतुर्विंशति बेताल: एक अद्भुत संबंध और अनसुलझी पहेली

बेताल पच्चीसी की अंतिम और सबसे जटिल वंशावली पहेली! पिता-पुत्र और माता-पुत्री के विवाह से उत्पन्न संतानों के नाते पर राजा विक्रमादित्य का अखंड मौन! जानिए कैसे राजा के मौन ने बेताल को परास्त कर अपने वश में किया!

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पंचविंशति बेताल: तांत्रिक शान्तशील का वध और चक्रवर्ती साम्राज्य
अध्याय 2518 मिनट

पंचविंशति बेताल: तांत्रिक शान्तशील का वध और चक्रवर्ती साम्राज्य

बेताल पच्चीसी का भव्य महा-समापन! बेताल द्वारा राजा को तांत्रिक के नरबलि षड्यंत्र की गुप्त चेतावनी, देवी चंडिका की वेदी पर विक्रमादित्य द्वारा कपटी तांत्रिक का वध, बेताल का विद्याधर रूप में शाप-मुक्त होना और बेताल पच्चीसी का अमर फलश्रुति वरदान!

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